शिव की भक्ति में लहराता मन
शिव की भक्ति में लहराता मन,
हर दिन यही है मेरा अरमान।
भस्म से सजी है ये शरण,
महाकाल की कृपा से मिलती पहचान।
गंगा की धारा से बहता प्रेम,
शिव के चरणों में है सारा खेमा।
आत्मा की गहराई में बसा है वो,
हर भक्त की दुआ में है उसका नाम।
ऊँ नमः शिवाय का जाप करूँ,
हर कष्ट को दूर मैं भागूँ।
भक्ति की रौशनी से जगमगाऊं,
शिव की महिमा से जीवन सजाऊं।
हर मन में बसी है उसकी छवि,
हर दिल में है उसकी सजीव सखी।
शिव की भक्ति में पाई है खुशी,
हर दिन उसका गूंजे नाम, हर युग में सदा।
