श्री राम के चरणों में समर्पण
हे राम, तुम हो सदा हमारे संग,
तेरे नाम से मिटता हर दंग।
भक्ति में लिपटी है मेरी ये प्रीत,
तेरे बिना जीना लगे अधूरा, अधूरा हर रीत।
संकट में जब मैं तुझे पुकारूं,
तेरी कृपा से मैं हर दुख भुलाऊं।
तेरे चरणों में सदा रहूं मैं,
तेरे प्रेम से हर पल महकूं मैं।
सूरज की किरणों से भी प्यारा,
तेरा नाम है, जो दिल में है सारा।
हे राम, तुम हो मेरा आधार,
तेरे बिना जीवन, जैसे बिन बहार।
भक्ति की इस धारा में बहूं,
तेरे चरणों में सदा रहूं।
सच्चे प्रेम से तेरा नाम लूं,
हे राम, तेरे बिना मैं क्या करूं।
