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श्री कृष्ण की भक्ति में लहराते मन का सागर


श्री राम की कृपा से मिलता सुख का सागर
राम नाम की महिमा, सब दुखों का नाश,
संकट में जो पुकारे, वह पाता सच्चा रास।
राम जी की छाया में, सब मिलते हैं सुख,
मन में बसा है प्रेम, हर दिल में है विश्वास।
सीता-राम का प्रेम, जैसे बहारों की बूँद,
हर दर्द को भुला दे, हर ग़म को करे दूर।
भक्ति में है शक्ति, नाश करे हर भय,
राम जी की कृपा से, मिलता सच्चा सुख।
जय श्री राम, जय श्री राम, सब मिलकर गाएँ,
हर दिल में बसे राम, हर मन में गुनगुनाएँ।
साधना की इस राह पर, हम सब चलें संग-संग,
राम नाम की महिमा, सबको जोड़े बंधन।
हे राम, तेरा नाम लूँ, हर दिन और हर रात,
तेरे चरणों में बसा है, सच्चा सुख और साथ।
भक्ति का यह दीप जलाकर, जगमगाएँ हर घर,
राम जी की कृपा से, मिले सबको सुख का घर।

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