श्याम श्रीकृष्ण की महिमा
श्याम श्रीकृष्ण की महिमा, गूंजे हर ओर,
भक्तों के दिल में बसी, मुरली की स्वर।
हर संकट में तू सखा, हर दर्द तू समझे,
तेरे चरणों में समर्पित, मेरा मन तेरा संग में।
तेरे नाम की छाँव में, मिलती है शांति,
तेरे भजन की धुन में, पाता हूँ मैं संजीवनी।
जो तेरा भक्त सच्चा, उसका हर सपना पूरा,
कृष्ण नाम की महिमा, सजती है जीवन में नूरा।
गोपियों की क्रीड़ा में, छिपा है प्रेम सच्चा,
तेरे बिना अधूरी है, हर एक धड़कन का रिश्ता।
तू ही है सारा जगत, तू ही है जीवन की धारा,
तेरे चरणों की धूल से, मिले हर एक तारा।
हे कान्हा, तेरा दीवाना, तेरा नाम लेता,
तेरे बिना ये जीवन, जैसे सूखा रेगिस्तान।
मेरे प्रभु, तेरा धन्यवाद, हर एक सांस में,
तू ही है मेरा सच्चा, सखा और स्वामी, हर एक पल में।
