कृष्ण की भक्ति में लहराए प्रेम के रंग
हे गोपाल, तेरा नाम लूँ,
तेरे चरणों में मैं जलूँ।
तेरी लीला का जो साया,
मन में बसे वो स्वप्न सजा।
तेरे बिना अधूरा जीवन,
तेरे संग मिले सुख का भंडार।
हे मेरे नंदलाल प्यारे,
तेरे प्रेम में हर दर्द का इलाज।
जब तू मुस्कुराए, जग चमके,
तेरे दर पर हर ग़म छूटे।
भक्ति के रस में मैं डूबूँ,
तेरे संग हर पल जियूँ।
तेरे भजन गाकर मैं खो जाऊँ,
तेरे प्रति मेरा सारा ध्यान।
हे कृष्ण, तू ही मेरा सच्चा साथी,
तेरे प्रेम में मिले जीवन का सार।
