श्री कृष्ण की महिमा में भक्ति
हे नंदलाल, तेरा नाम लूं,
तेरे चरणों में मैं सदा रमूं।
तेरी मूरत में बसी ख़ुशबू,
हर दिल में तू, हर मन में तू।
मोर मुकुट धारण किए, प्यारे,
तेरे संग सारा जग साजे।
बंसी की तान सुन ले भक्ति,
हर दुख भुला दे, हर मन की शक्ति।
गोपियों का तू सखा सच्चा,
तेरे प्रेम में है सारा जग नाचा।
हे राधा के प्रिय, तू है अनंत,
तेरे नाम से मिटे हर संताप।
तेरे भजन से मन को मिले शांति,
जग में फैले तेरी महिमा की ज्योति।
हे श्री कृष्ण, तेरा ये दीवाना,
तेरे चरणों में बसी मेरी जान।
