भोलेनाथ का दरबार निराला
भोलेनाथ का दरबार निराला, सबको देता सहारा,
जो भी आए शरण में उनकी, कट जाए दुख सारा…
जटा में गंगा, गले में नाग, डमरू की है तान,
त्रिनेत्र वाले महादेव हैं, जग के भगवान…
ओम नमः शिवाय जपो रे भाई,
मिल जाएगा शिव का साया…
भोलेनाथ का दरबार निराला, सबको देता सहारा,
जो भी आए शरण में उनकी, कट जाए दुख सारा…
जटा में गंगा, गले में नाग, डमरू की है तान,
त्रिनेत्र वाले महादेव हैं, जग के भगवान…
ओम नमः शिवाय जपो रे भाई,
मिल जाएगा शिव का साया…