श्री राम की भक्ति में असीम प्रेम
राम नाम का जप करूँ, हर पल में तेरा ध्यान,
तेरे चरणों में बसा है, सारा संसार का ज्ञान।
दुख-सुख में तू साथी, मेरे राम का है साथ,
तेरे बिना अधूरी है, ये जीवन की हर बात।
हर सुबह तेरा स्मरण, हर शाम तेरा नाम,
तेरे प्रेम में लिपटी है, मेरी हर एक धड़कन।
मुझे सिखा दे प्यारे, सच्चे प्रेम का रस्ते,
तेरे चरणों में बसा है, सच्चा सुख और संतोष।
जब भी मैं तुझसे मिलूँ, मन में उमड़े प्यार,
तेरे बिना अधूरा है, हर एक मेरा विचार।
राम तेरे बिना अधूरा, जीवन मेरा सुना,
तेरे भक्ति में खो जाऊं, यही है मेरा सपना।
तेरी लीलाओं का गान, हर दिल में गूंजे प्यार,
राम-राम का जप करूँ, तेरा नाम सदा सार।
तेरे चरणों की धूल, मुझे कर दे पवित्र,
तेरे नाम की महिमा, करे जीवन को सफल।
