श्री कृष्ण की भक्ति का अमृत रस

श्री राम की भक्ति का अमृत रस

राम नाम का जप करूँ, हर पल तेरा ध्यान,
सुख-दुख में तू संग है, मेरे प्रिय भगवान।
तेरे चरणों की धूल, मेरे जीवन का उजाला,
तेरे बिना अधूरा है, मेरा हर एक काला।

जग में तेरा नाम लूँ, हर सुबह और शाम,
तेरी कृपा से सजे, मेरे जीवन के तमाम।
मन में बसी है तेरी, मूरत हर एक धड़कन,
तेरे बिना मैं अधूरा, तू ही सच्चा वरदान।

जब भी हो कोई संकट, आऊँ तेरा दरबार,
तेरे चरणों में लूँ मैं, अपना सारा प्यार।
भक्ति की ये गंगा, बहती सदा निरंतर,
तेरे साथ चलूँ मैं, हर पल हो जीवन सुंदर।

संकट मोचन तुम हो, सब दुखों का हो नाश,
तेरी भक्ति में लहराए, सच्चे प्रेम का रास।
राम नाम का जप करूँ, हर पल तेरा ध्यान,
सुख-दुख में तू संग है, मेरे प्रिय भगवान।

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